Saturday, January 25, 2020

ब्रान्काइटिस(श्वसन रोग) कारण,लक्षण और उपचार,

ब्रान्काइटिस फेफड़ो में बड़ी श्वास्नालियो के भीतर भाग, जिसे ब्रन्काई कहा जाता है,
की सुजन है| सूजन के कारन सामान्य से अधि बलगम बनता है| इससे फेफड़ो में वायु  प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है|
और फेफड़े क्षतिग्रस्त हो सकता है |


 तीब्र ब्रन्काईटिस  2 से  4 सप्ताह तक रहता है और इसका उपचार हो सकता है|
लम्बे समय तक रहने वाले ब्रन्काईटिस  फेफड़ो की लम्बी अवधि तक रहने वाली बीमारी है |
यह फेफड़ो में होने वाले रोगों जिन्हें सीओपीडी  या लम्बे समय तक रहने वाले अवरोधक फुफ्फुस रोग (क्रोनिक आब्सट्रक्टीव  पल्मोनरी डिजीज) कहते है,इससे हुई क्षति कई बार समय के साथ बदतर होती है और उसका इलाज नही हो सकती है |

ब्रान्काटिस के लक्षण :-   

  • बार बार खासी होना |
  • थकन महसूस होना |
  • खासते या गहरी साँस लेते हुए साइन में दर्द |
  • साँस लेते समय आवाज होना|
  • साँस फूलना|
  • बदन दर्द|
  • बुखार या ठण्ड लगना|
  • गले में तकलीफ |
  • नाक बहना या बंद होना|
ब्रान्काइटिस  के कारण:-

  •  बैक्टीरिया या विषाणु संक्रमण 
  • ध्रूमपान 
  • वायु प्रदुषण 
  • वायु में किसी चीज की अलर्जी जैसे पराग कण 
  • फेफड़ो का रोग जैसे दमा अथवा वातस्फीति
आप की देखभाल एवं उपचार:-
आपकी देखभाल में आसानी से साँस लेने में आपकी मदद करने वाली दवाएं और साँस के व्यायाम शामिल हैं | यादी आपको लम्बे समय तक रहने वाले ब्रान्काइटिस है तो आपको आक्सीजन की जरुरत पद सकती है|
आपके देखभाल में निम्नलिखित भी शामिल हो सकते है|

  • सर्दी और फ्लू से बचना|
  • बलगम पतला रखने के लिए अधिक मात्र में पेय पीना|
  • ह्युमिडिफायर (नमी रक्षक) या वेपराइजार का प्रयोग करना|
  • आपके फेफड़े से बलगम निकालने के लिए उचित स्थिति में बैठ कर और थपकी देना| आपको ऐसा करना सिखया जायेगा|
आसानी से साँस लेने के लिए :-

  • ध्रूमपान छोड़े | लंबे समय तक रहने वाले ब्रान्काइटिस से होने वाली क्षति को धीमा करने का एकमात्र तरीका ध्रूमपान छोड़ना है|छोड़ने के लिए कभी भी बहुत देर नहीं होती|
  • शराब ना पियें| यह आपके वायु मार्ग साफ़ करने के लिए खासने और छिकने की इच्छा कम करता है| यह आपके शारीर में द्रवों की कमी करता है जिससे आपके फेफड़ो में बलगम सख्त हो जाता है,तथा उसके निकने में मुस्किल होती है|
  • ऐसे चीजो से बचे जो आपके फेफड़ो के लिए हानिकारक है जैसे वायु प्रदूषण,धुल और गैस|
  • आपने शारीर का ऊपरी हिस्सा उठाकर सोएं| अपना सर बिस्तर से ऊपर रखने के लिए फोम के बड़े तुकडे का प्रयोग करे|
के.एम्.सी. डिजिटल हॉस्पिटल में तुरंत संपर्क करे, यादि आपको:

  • ठण्ड लग रही है या 101 डिग्री  F या 38 डिग्री C से ज्यादा बुखार है |
  • इन्हेलर या साँस उपचार की ज्यदा जरुरी पद रही है|
  • बलगम अधिक है, रंग बदलता है या निकलने में अधिक मुस्किल हो रही है|
  • आपके नाख़ून या उंगलियों की त्वचा या मुह में नए या बढ़ते नील या भूरे धब्बे पद रहे है|
  • बोलने या सामान्य गत्बिधियो में तकलीफ हो रही है|
  • सोते वक्त अधिक तकियों की जरुरत पद रही है या रात में साँस लेने के लिए आप ने कुर्सी में सोना सुरु कर दिया|

   श्वास से सम्बंधित बीमरियों से निजाद पाने के लिए संपर्क करे के.एम्.सी. डिजिटल            हॉस्पिटल महराजगंज 
                                        K.M.C. Digital Hospital
                    Mahuawa Farenda Road Maharajganj (U.P) 273303.
              Website-www.kmchospitals.com email-info@kmchospitals.com
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