Tuesday, January 28, 2020

Prenatal Care (प्रसव पूर्व देखभाल), KMC DIGITAL HOSPITAL


प्रसव पूर्व देखभाल व स्वास्थ्य देखभाल है जो गर्भवती होने के दौरान आपको प्रदान की जाती है |जैसे ही आपको लगे कि आप गर्भवती हैं ,आप अस्पताल में प्रसव पूर्व संपर्क हेतु जाना निश्चित करें| इस प्रकार अस्पताल जाने से आपको स्वस्थ प्रसूति निश्चित करने मे मदद मिलती है| तथा इस प्रकार आप स्वयं को अथवा आपके बच्चे को होने वाली स्वस्था समस्याओं की उनके गंभीर होने से पूर्व समय पर जानकारी प्राप्त कर सकती है |आपका चिकित्सा गर्भावस्था के पहले 6 महीने में प्रत्येक 4 से 6 सप्ताह में आप की जांच कराना चाहेगा| गर्भावस्था के अंतिम दिन माह के दौरान आपको अधिक बार चिकित्सा के पास जाना होगा|
 यह एक मार्गदर्शक हैं, दर्शन है यदि आपको समस्या आती है तो चिकित्सा आपको अधिक बार देखना अथवा अधिक परीक्षण करना चाहिए|
आपको प्रसव पूर्व परामर्श से क्या अपेक्षाएँ होनी चाहिए :-
आपकी पहली विजिट सबसे लंबी होगी, इसके  दौरान:

  • आप की ऊंचाई वजन तथा रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की जांच की जाएगी|
  • आपका रक्त लिया जाएगा जिससे विभिन्न रोगों के लिए तथा लौह स्तरो की कमी संबंधी जांच की जाएगी आपसे पूछा जाएगा कि क्या आप एचआईवी परीक्षण कराना चाहेंगीं|
  • आपको संक्रमण,शर्करा तथा प्रोटीन संबंधित जांच के लिए अपने मूत्र का नमूना देना होगा|
  • आपको संबंधित तिथि बताई जाएगी यह अंदाजा कि किस दिन आपके बच्चे के जन्म की संभावना है|
  • आपसे ,आपके साथी के परिवार के सदस्यों के तथा उन दवाओं एवं जड़ी  बूटियों के संबंध  में जो आप ले रही हैं प्रश्न पूछे जाएंगे
  • आपका चिकित्सा शारीरिक परीक्षण करेगा जिसमें श्रेणीय का परीक्षा तथा पेप स्मीयर शामिल होंगे|
  • चिकित्सक आपको फोलिक एसिड के साथ प्रसव पूर्व विटामिन लेना प्रारंभ करने की सलाह देगा|
  • अपनी अगली मुलाकात (विजिट) के लिए तिथि निश्चित करा लें

सभी  प्रसव पूर्व मुलाकातों के समय :-

  • आपके रक्तचाप वजन मूत्र तथा सम्मान स्वास्थ्य की जांच की जाएगी | 
  • आपके बच्चे की हृदय गति तथा विकास संबंधी जांच होगी | 
  • अन्य परीक्षण जैसे रक्त की जांच तथा अल्ट्रासाउंड किए जा सकते हैं | 
  • यदि आपके मन में स्वयं के अलावा अपने बच्चे के विषय में कोई प्रश्न अथवा चिंता हो तो सवाल पूछे अथवा चर्चा करें
परीक्षण 
आपको निम्नलिखित परीक्षण करने पद सकते है |  
  • रक्त की किस्म| (BLOOD GROUP)
  • एक प्रोटीन जिसे आरएच फैक्टर कहा जाता है|  इस रक्त परीक्षण के दौरान यह जांच होगी कि आपका आरएच पॉजिटिव है या नेगेटिव| 
  •  लोह स्तर| 
  • हेपेटाइटिस बी | 
  • रोग प्रतिकारक आपको यह दिखाने के लिए कि आप जर्मन  खतरा (रूबेला) से प्रतिरक्षित  हैं | 
  • रोग प्रतिकारक आपको यह दिखाने के लिए कि आप चेचक(वैरिसेल) से प्रतिरक्षित हैं| 
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस| 
  • सिफलिस| 
  • सिकल सेल एनीमिया|  
आपके बच्चे में कुछ प्रकार के जन्म दोष  इस परीक्षण को (क्वाड स्क्रीन) कहा जाता है| 
इस परीक्षण द्वारा आपके बच्चे में कुछ प्रकार के जन्मजात दोष संबंधित बढ़ते खतरे की जांच की जाती है| 
इस परीक्षण में अल्फा फिटोप्रोटीन (एएफपी)  परीक्षण शामिल है| 
क्वाड स्क्रीन गर्भावस्था के 15-20 सप्ताह के बीच किया जाता है| 

गर्भकालीन मधुमेह इस परीक्षण को ग्लूकोस सहनशीलता परीक्षण जीटीटी स्क्रीन परीक्षण कहा जाता है यह गर्भावस्था के 24 और 28 सप्ताह के बीच गर्भावस्था में उच्च रक्त शर्करा की जांच करने के लिए किया जाता है आपको पीने के लिए एक मीठा सोडा दिया जाता है और फिर आप के रक्त के नमूने लिए जाते हैं

एच्आइवी | गर्भावस्था में जन्म देने अथवा स्तनपान करने के दौरान यह संक्रमण माताओ से उनके बच्चो को हो सकता है |  सभी महिलाओ को इस सम्बन्ध में रक्त परीक्षण हेतु विचार करना चाहिए |
आपको परीक्षण से पहले एक सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा सकता है |
इस परीक्षण के परिणाम गोपनीय रखे जायेंगे |

एमनियोसैंटेसिस :-
यह परीक्षण जैनेटिक रोगो की जांच के लिए होता है | तथा गर्भवस्था के 15 से 20 सप्ताह के बिच किया जाता है |
चिकित्सक महिला के पेट में सुई दाल कर एमनियोटिक द्रव की मात्रा थोड़ी सी निकलता है |
यह द्रव परीक्षण हेतु प्रयोगशाला  में भेज दिया जाता है |


 कोरिओनिक  विलस नमूनाकरण (सीवीएस) :-  यह परीक्षण ऐम्नियोसैंटेसिस परीक्षण करने का एक विकल्प है आनुवंशिक रोगो की जांच करने के लिए कोशिकाओं के एक नमूने को गर्भनाल से हटा दिया जाता है |
यह परीक्षण गर्भवस्था में पहले (10  से 12  सप्ताह में ) किया जाता है  लेकिन इस परीक्षण में जोखिम बहोत ज्यादा है |


ग्रुप बी स्ट्रैपटोकोकस  (जीबीएस) :-  जीबीएस महिलाओ के योनि में पाए जाना वाला एक आम बैक्टीरिया है |
यह बच्चे में संक्रमण पैदा कर सकता है |
इस परीक्षण में आमतौर पर गर्भवस्था के 35 और 37 सप्ताह के बिच योनि और मलाशय से स्वाबिंग (फाहे से  नमुना लेना )
शामिल होता है

भ्रूण के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए परीक्षण :-

  • भ्रूण की गति की  गणना -यह परीक्षण घर पर किया जाता है | आप अपनी तरफ लेटते है और गणना करते है|  की आपका बच्चा 10 बार हिलने में कितना समय लेता है | 
  • अल्टासाउंड- आपकी गर्भवास्था के 18 से 20 सप्ताह के दौरान काम से काम एक बार अल्ट्रासॉउन्ड किया जायेगा |  आपके चिकित्सक आपके बच्चे के विकास अथवा स्थिति की बारे में जानने के लिए अधिक अल्ट्रासॉउन्ड करा सकते है 
  • डॉपलर अल्ट्रासॉउन्ड- यह परीक्षण बच्चे के रक्त प्रवाह की जांच के लिए किया जाता है | 
  • तनावहींता परीक्षण- इस परीक्षण में एक विशेष मशीन द्वारा आपके वच्चे की ह्रदय गति दर्ज की जाती है | यह परीक्षण पीड़ा रहित होती है,तथा आपके पेट पर कुछ निशान लगाए जाते है | 
  • बायोफिजिकल प्रोफाइल- इस परीक्षण में बच्चे की ह्रदय गति की निगरानी की जाती है और इसके साथ साथ अल्ट्रासॉउन्ड भी किया जा सकता है | 
  • संशोधित बायोफिजिकल प्रोफाइल-इस परीक्षण में बच्चे की ह्रदय गति की निगरानी की जाती है और इसके साथ साथ अल्ट्रासॉउन्ड भी किया जा सकता है  एमनियोटिक द्रव की जाँच भी की जाती है | 


अपनी गर्भवस्था के दौरान किसी भी समय पर तुरंत अपने चिकित्सक को फ़ोन करे 7754901213 यदि 

  • आपकी पानी की झिल्ली अथवा थैली फट गयी हो या रिस रही हो | 
  • आपको योनि से रक्त स्त्राव हो रहा है |
  • आपको पेट में पीड़ा अथवा संकुचन होता है,
स्त्री रोग से सम्बंधित किसी भी जानकारी एवं सुझाव के लिए संपर्क करे स्त्री रोग विभाग  के.एम्.सी. डिजिटल हॉस्पिटल,
                    डॉ.जोत्सना ओझा मिश्रा (MBBS MS (OBS & GYE)


                                K.M.C. Digital Hospital

                             Mahuawa Farenda Road Maharajganj (U.P) 
                                     Website-www.kmchospitals.com 
                                     email:-  info@kmchospitals.com
                                      kmcdigitalhospital.blogspot.com


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