Wednesday, January 29, 2020

कोरोना वायरस क्या है , कैसे फैलता है ? लक्षण और बचने के उपाय,

कोरोना वायरस क्या है , कैसे फैलता है ? लक्षण और बचने के उपाय,
What is coronavirus Symptoms and Prevention
Coronavirus  कोरोना वायरस चीन में लोगों के मौत का कारण बन रहा है। इसकी शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी जो अब फ्रांस, अमेरिका, जापान, थाईलैंड और इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में फैल चुका है। कोरोना वायरस इंफेक्शन बहुत घातक है और इसका प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। चीन में फैला कोरोनावायरस बिल्कुल नया है और माना जा रहा है कि यह सार्स नामक कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में कोरोनावायरस बीमारी के लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में हम आपको दे रहे हैं पूरी जानकारी।
सार्स severe acute respiratory syndrome (SARS) नामक कोरोना वायरस के कारण वर्ष 2002-03 में 8,098 लोग संक्रमित हुए थे और उनमें से 774 लोगों की मौत हो गई थी। नया कोरोना वायरस दिसंबर 2019 के पहले हफ्ते में पकड़ में आया था। प्रयोगशाला में जांच के बाद इसे नए प्रकार का कोरोना वायरस घोषित किया गया। वास्तव में छह प्रकार के कोरोना वायरस की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। चीन के वुहान में फैले नए कोरोनावायरस को सातवां कोरोना वायरस माना जा रहा है। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कोरोना वायरस क्या है, कैसे फैलता है कोरोना वायरस, कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं और कोरोनावायरस से बचने के उपाय क्या हैं।
कोरोना वायरस के मुख्य तथ्य
·       अधिकांश कोरोनावायरस खतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि उनमें से कुछ प्रकार गंभीर हैं।
·       अधिकांश कोरोनावायरस उसी तरह फैलते हैं जैसे अन्य सर्दी पैदा करने वाले वायरस फैलते हैं
·       कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है।
·       यह मनुष्य से मनुष्य में फ़ैल सकता है।
·       कोरोनोवायरस संक्रमण होने की सबसे अधिक संभावना छोटे बच्चों में होती है।
·       अक्सर कोरोनावायरस के लक्षण साँस लेने में परेशानी, नाक बहना, खांसी और गले में खराश और कभी-कभी बुखार भी शामिल है।
·       कोरोनावायरस बच्चों में मध्य कान के संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
·       यदि कोरोनोवायरस संक्रमण आपके फेफड़ों में फैलता है, तो इससे निमोनिया हो सकता है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, हृदय रोग वाले लोग, या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग।
·       अभी कोरोनावायरस के लिए कोई टीका नहीं है ।
·       इनके इन्फेक्शन से बचने के लिए साफ-सफाई के सही तरीके अपनाने चाहिए।

क्या है कोरोना वायरस? – What is coronavirus
कोरोना वायरस कई वायरसों का एक ग्रुप है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। कोरोनावायरस का यह नाम उसके क्राउन जैसे शेप के कारण पड़ा। यह वायरस जानवरों और इंसानों दोनों को संक्रमित करता है। कोरोना वायरस भी वैसे ही फैलता है जैसे कोल्ड के वायरस फैलते हैं। चीन के वुहान में फैला कोरोनावायरस नए प्रकार का है जिसे अभी 2019 नोवल कोरोनावायरस (2019-nCoV) नाम दिया गया है। यह वायरस शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे पीड़ित व्यक्ति में कफ, छींक आना, भारीपन जैसे संकेत दिखते हैं।
कोरोना वायरस कैसे फैलता है?- How are coronavirus transmitted?
मर्स और सार्स वायरस की तरह नया कोरोना वायरस भी जानवरों से ही आया है। माना जा रहा है कि चीन के वुहान में मिलने वाले सी फूड के कारण कोरोनावायरस का संक्रमण फैला है। यह वायरस अन्य जीवित जानवरों जैसे चमगादड़,सूअर, घरेलू जानवर, चिड़िया, कुत्ता, बिल्ली, ऊंट और मर्मोट्स (marmots) के कारण फैलता है। इस वायरस का सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह इंसानों से इंसानों में फैलता है
                अन्य कोरोनावायरस की तरह नया कोरोना वायरस भी कॉमन कोल्ड के दौरान कफ या छींक आने पर ड्रॉपलेट्स के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। इसके अलावा किसी दूषित सरफेस जैसे दरवाजे के हैंडल, सीढ़ी या बालकनी की रेलिंग को छूने से भी फैल सकता है। कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति कई लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि यह नए प्रकार का कोरोना वायरस है इसलिए इसके फैलने का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है।
कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षण – Coronavirus symptoms
चीन में फैले कोरोनावायरस के लक्षण अन्य श्वसन संक्रमण (respiratory infection) की तरह ही होते हैं। इसलिए कई बार यह पता लगाना मुश्किल होता है कि व्यक्ति कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित है या राइनोवायरस के इंफेक्शन से। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। गले में दर्द, जुकाम, खांसी, बुखार आना इसके शुरुआती लक्षण माने जाते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के मुख्य लक्षण ये हैं:
·       सिरदर्द: पूरे दिन सिर भारी रहना, सिर में तेज दर्द महसूस होना।
·       नाक बहना: लगातार कई दिनों तक नाक बहना और दवा लेने के बाद भी नियंत्रित न होना।
·       खांसी: तेज खांसी आना कोरोनावायरस के संक्रमण का संकेत हो सकता है।
·       गले में खराश: इस संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति के गले में हमेशा खराश बनी रहती है।
·       बुखार: कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर बुखार आना इस इंफेक्शन का शुरुआती लक्षण है।
·       अस्वस्थ महसूस करना: कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर शरीर के अंदर बेचैनी सी होती है और व्यक्ति को सही तरीके से समझ में नहीं आता है कि उसे हुआ क्या है लेकिन वह काफी अस्वस्थ और बीमार महसूस करता है।
·       छींक आना : कोरोना वायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है जिसके कारण छींक आना इस समस्या का संकेत है।
·       अस्थमा का बिगड़ना : अस्थमा के रोगियों को इस संक्रमण के कारण सांस लेने में सबसे ज्यादा कठिनाई होती है।
·       थकान महसूस करना: पूरे दिन थकान महसूस होना और शरीर में लगातार थकान बनी रहना कोरोना वायरस इंफेक्शन का लक्षण है।
·       निमोनिया: कोरोनावायरस का इंफेक्शन श्वसन तंत्र के निचले हिस्से में फैलता है जिसके कारण खासतौर से वृद्ध लोगों में निमोनिया की समस्या हो जाती है। साथ ही हृदय रोगों और कमजोरी इम्यून सिस्टम वाले लोगों में भी कोरोना वायरस के कारण निमोनिया के लक्षण नजर आते हैं।
·       फेफड़ों में सूजन: वायरस के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाती है जिससे इसकी गंभीरता बढ़ सकती है।
कोरोना वायरस इंफेक्शन का इलाज – Treatments for coronavirus
अभी तक कोरोनावायरस का कोई इलाज नहीं है। लेकिन सावधानियां बरतकर इस वायरस के इंफेक्शन की चपेट में आने से काफी हद तक बचा जा सकता है। जिस तरह से कॉमन कोल्ड का कोई इलाज नहीं है, ठीक उसी तरह कोरोनावायरस के इंफेक्शन का भी कोई विशेष इलाज नहीं है। कोरोना वायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए अभी तक कोई एंटीवायरल दवा या वैक्सीन विकसित नहीं की गयी है। इसलिए सावधानी ही बेहतर उपाय है। कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों को कुछ थेरेपी भी दी जा रही है हालांकि यह बहुत प्रभावकारी नहीं है।
कोरोनावायरस का निदान – Diagnosis of coronavirus
सबसे पहले कोरोनावायरस के संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और श्वसन तंत्र की जांच करके सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में कमजोरी सहित अन्य प्रभावों का पता किया जाता है। जांच के दौरान कोरोना वायरस की पुष्टि में कठिनायी होने पर मरीज के खून का सैंपल लैब में भेजा जाता है और ब्लड टेस्ट से कोरोनावायरस के संक्रमण का निदान किया जाता है।

भारत को कोरोना वायरस से कितना खतरा
चीन में भारत के 1500 से अधिक छात्र पढ़ाई करते हैं। पिछले दिनों चीन से भारत लौटे राजस्थान के एक छात्र में कोरोना वायरस का इंफेक्शन पाया गया जिसे जयपुर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

कितना खतरनाक है कोरोना वायरस
कई देशों में कोरोनावायरस का इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में आने वाले लोगों की मौत हो रही है। चूंकि इस वायरस की कोई दवा या वैक्सीन नहीं है इसलिए इसे बेहद खतरनाक माना जा रहा है। चीन में अब तक कोरोनावायरस से 80 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 2744 लोग संक्रमित हैं। इसके साध ही 5794 लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। हालांकि इसमें सर्दी जुकाम जैसे लक्षण ही दिखते हैं लेकिन इसका असर इतना गंभीर होता है कि व्यक्ति की मौत हो सकती है।
कोरोनावायरस से कैसे बचें – Coronavirus prevention
कोरोनावायरस के इंफेक्शन से बचने की कोई वैक्सीन निर्मित नहीं की गयी है इसलिए बचाव ही कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज है। कोरोनावायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए ये उपाय करें:
·       अपने हाथों को दिन में कई बार साबुन, गुनगुने पानी और एल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर से साफ करें।
·       अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें और घर से बाहर निकलने से पहले मास्क लगाना न भूलें।
·       अपने हाथ या उंगलियों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
·       जानवरों के संपर्क से दूर रहें और पोल्ट्री मीट न खाएं।
·       बाजार का सामान खाने से परहेज करें।
·       संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें और जरुरत न हो तो घर से बाहर न निकलें।
·       खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक पर रुमाल या टिश्यू पेपर रखें।
·       जिन्हें सर्दी खांसी हो या छींक आ रही हो, उनके करीब न बैठें।
·       सड़कों या खेतों में जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
कोरोना वायरस के असर को कम करने के लिए क्या करें – How to reduce Coronavirus infection
आमतौर पर कोरोनावायरस के इंफेक्शन को कम करने के लिए वही उपाय किये जा रहे हैं जो कॉमन कोल्ड और निमोनिया के संकेतों को कम करने के लिए किये जाते हैं। जैसे:
·       पर्याप्त आराम करें
·       पर्याप्त मात्रा में फ्लुइड लें।
·       गले में खराश और बुखार के लिए ओवर द काउंटर मेडिसिन का सेवन करें। लेकिन अगर बच्चा 19 साल से कम उम्र का है तो उसे एस्पिरिन ना दें। इसकी बजाय इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन लें।
·       किसी भी तरह की दवा अपनी मर्जी से ना लें। डॉक्टर से जरुर परामर्श प्राप्त करें।
अब तो आप जान गए होगें कि कोरोना वायरस क्या है, कोरोनावायरस कैसे फैलता है, कोरोनावायरस के लक्षण क्या होते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं।

यदि आप इनमे से कोई भी लक्षण देखें तो डरें नहीं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ हो सकता है आपके लक्षण किसी नॉर्मन बीमारी या सर्दी जुकाम के कारण हो रहें हों। अधिकांश कोरोनावायरस खतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि उनमें से कुछ प्रकार गंभीर हैं। अधिकांश कोरोनावायरस उसी तरह फैलते हैं जैसे अन्य सर्दी पैदा करने वाले वायरस फैलते हैं कोरोनावायरस जानवरों और मनुष्यों दोनों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए इनके इन्फेक्शन से बचने के लिए सही तरीके अपनाने चाहिए।
  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे, के.एम्.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महाराजगंज

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