Tuesday, January 28, 2020

आपका बच्चा एव उसका देखभाल


नए माता पिता के रूप में अपने बच्चे के बारे में आपके कुछ सवाल हो सकते हैं|  नीचे कुछ सामान्य शरीर की विशेषताएं और व्यवहार दिए गए हैं जिन्हें आप अपने शिशु के जन्म के तुरंत बाद उसमें देख सकते हैं| 

सोने और जागने के चक्र-
जन्म के बाद पहले कुछ घंटों में शिशु सक्रिय और जागे रहते हैं| इसके बाद भी अगले 12-24 घंटे तक नींद में रहते हैं मान कर चलिए कि आपका शिशु प्रतिदिन16 से 20 घंटे सोएगा और इसका कोई नियत समय नहीं होगा|  शिशु रात को अनेक बार दूध पीने के लिए जग जाते हैं| 

सिर:-
आपके शिशु का सिर जन्म प्रक्रिया से बडा या बेडौल दिख सकता| है यह धीरे-धीरे लगभग 1 सप्ताह में अपने आप ही ठीक हो जाएगा|  शिशु के सिर पर दो नरम स्थल होते हैं यह नरम स्थल धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे और इनके लिए किसी विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती है| 

आंखे :-
शिशु 8 -10 इंच की दूरी तक की सबसे अच्छी तरह देखते हैं|  आपके शिशु की आंखों का रंग 6 से 12 महीने में बदल कर अपना स्थाई रंग ले लेगा, आपके शिशु की आंखों में सूजन,आंखों के सफेद हिस्से में लाल धब्बे होना या आंखों का भैगा का दिखाना सामान्य है यह स्थितियां अधिकांश स्वयं ही ठीक हो जाएंगी| 

छाती और जननांग :-
शिशु की छाती और जनन अंगों का सूजन  दिखना समान बात है| यह धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा शिशु के स्तनों से थोड़ा सा दूध जैसा द्रव  बाहर निकल सकता है जो धीरे-धीरे ठीक हो जायेगा लड़कियों में जन्म के कई दिन बाद तक योनि से थोड़ा और चिपचिपा पदार्थ निकलना सामन्य बात है| 

त्वचा:-
होठ और मुंह के भीतर का हिस्सा गुलाबी होना चाहिए| 
  • यदि आपको अपने शिशु के मुंह के इर्द-गिर्द नीलापन दिखता है और आपका बच्चा सजक ना हो पाए या प्रक्रिया देने में असमर्थ हो तो फोन करें के.एम्.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महाराजगंज | 
  • यदि आपके शिशु की त्वचा में द्रव् मवाद भरे छाले निकलते हैं, तो अपने बच्चे में संक्रमण की जांच कराने के लिए अपने बच्चे के डॉक्टर के.एम्.सी.डिजिटल  हॉस्पिटल में कॉल करें खासतौर पर तब जब उसे खांसी बुखार भी हो गया वह बहुत कम दूध पी रहा हो | 
पीलिया :-
पीलिया में त्वचा और आंखों का रंग पीला हो जाता है यह अक्सर 1 से 2 सप्ताह में ठीक हो सकता है| पीलिया की मात्रा की जांच करने के लिए अस्पताल में शिशु के रक्त का एक छोटा सा नमूना लिया जा सकता है| घर जाने के बाद दिन की प्राकृतिक रोशनी में या फ्लोरोसेंट रोशनी वाले किसी कमरे में अपने शिशु की त्वचा और आंखों का रंग की जांच करें| 

के.एम्.सी. डिजिटल हॉस्पिटल  में कॉल करे :-
  • आपके शिशु का पेट, पैर और बाहे पिली हो | 
  • आपके शिशु की आंखो के सफ़ेद हिस्से पिले हो | 
  • आपका शिशु का रंग पीला हो और उसे जगाने में मुश्किल होती हो,वह चिड़चिड़ा हो या दूध नहीं पीता हो 
  • आपके शिशु की आँखों के सफ़ेद हिस्से पिले हो | 
  • आपका शिशु का रंग पीला हो और उसे जगाने में मुश्किल होती है | 
खांसी,छींक और हिचकी आना :-
कभी कभी में खासी या छींक आना सामान्य होता है | इसका मतलब यह नहीं की शिशु बीमार है बशर्ते की उसकी नाक से पीला सा या हरा सा स्रव बा हो रहा हो या कोई लक्षण न हो | नवजात शिशु अक्सर ही दूध पीने के दौरान या इसके बाद हिचकी लेते है | 

गले में कुछ फसना:-
दूध पीते समय शिशु को बिल्कुल सीधा लिटाने पर उसके गले में कुछ फंस सकता है दूध पिलाते समय अपने शिशु का  सिर ऊपर की ओर रखें और बोतल को बिना सहारे के कभी भी नहीं छोड़े यदि आपके शिशु के गले में कुछ फसता है खासी आती है वह दूध बाहर निकाल देता है तो दूध पिलाना रोक दें उसे सीधा बिठाए या उसे एक तरफ से पकड़े जब तक गला खुल ना जाए तब तक धीरे-धीरे थपकी देते रहें और इसके बाद ही फिर से दूध पिलाना शुरू करें नए माता-पिता को शिशु सीपीआर कक्षा में भाग लेना चाहिए

इद्रिया :-
शिशु हमेशा बढ़ते रहते हैं और अपने आसपास की दुनिया के बारे में जानते सीखते रहते हैं शिशुओं को पकड़ा जाना झुलाया जाना थपकी देना और घुमाया जाना पसंद होता है चीजों को अच्छी तरह परधीरे से स्पर्श करना उन्हें सुरक्षा और शांति का अहसास देता है शिशु को आप द्वारा उनसे की जाने वाली बातें सुनना पसंद होता है और अभी आपकी आवाज और अन्य ध्वनियाँ  सुनेंगे शिशुओं के सुनने की क्षमता अच्छी होती है या फार्मूला वाले दूध की गंध सुन सकते हैं शिशु धीरे धीरे चलती है या हिलती डुलती  वस्तुओं का हिलाना देख सकते हैं और 8 इंच तक की दूरी वाली चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं|
नवजात शिशु देख रेख के लिये विशेष शुविधा उपलब्द है, के. एम. सी. डिजिटल हॉस्पिटल महाराजगंज, 
        मोबाइल 24X7 :-  7754901213, 7754901214


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