Saturday, February 1, 2020

शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) क्या है, जानिए इसके, कारण और उपचार Alcoholism, Causes, Symptoms And Treatment



शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) क्या है, जानिए इसके, कारण और उपचार
Alcoholism, Causes, Symptoms And Treatment
Alcoholism  एल्कोहोलिज्म यानि शराब पीने की लत, इस शब्द से हर कोई परिचित है। माना जाता है कि शराब पीने की आदत धीरे धीरे विकसित होती है और यह लत बन जाती है। भारतीय समाज में पुरुष के शराब पीने की लत के कारण महिलाएं घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकार होती हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कई कारणों में शराब भी एक मुख्य कारण है। शराब की लत लगने से व्यक्ति कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाता है जिसके चलते उसकी असमय मृत्यु भी हो सकती है। हालांकि शराब से होने वाले नुकसान को जानते हुए भी लोग शराब की लत को नहीं छोड़ पाते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि शराब पीने की लत या एल्कोहालिज्म क्या है, इसके कारण, लक्षण, जाँच और इलाज के बारे।
एल्कोहोलिज्म या एल्कोहल यूज डिसऑर्डर क्या है?
What Is Alcoholism or Alcohol Use Disorder?
              शराब पीने की लत को एल्कोहोलिज्म कहते हैं। जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा शराब पीता है और उसकी बॉडी एल्कोहल की आदी हो जाती है तो एल्कोहल उसके जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज बन जाती है। वह जब एल्कोहल पीने की इच्छा को कंट्रोल नहीं कर पाता है तो इसे शराब पीने की लत या एल्कोहॉलिज्म कहते हैं। आमतौर पर शराब पीने की लत लगने पर लोग इससे होने वाली बीमारियों के बारे में जानते हुए भी खुद को शराब पीने से रोक नहीं पाते हैं। जिंदगी के बुरे दौर जैसे की नौकरी चली जाना और यहां तक की रिलेशनशिप टूटने के बाद भी शराब पीने की लत नहीं छूट पाती है। शराबीपन, शराब पीने की लत को एल्कोहॉलिज्म और एल्कोहल यूज डिसऑर्डर भी कहते हैं।
शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) के कारण
Causes of Alcoholism
एल्कोहोलिज्म या शराब पीने की लत का सटीक कारण ज्ञात नहीं हो पाया है। लेकिन इसके पीछे जेनेटिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय फैक्टर जिम्मेदार होते हैं। आमतौर पर शराब पीने की लत तब लगती है जब बहुत अधिक शराब पीने के कारण मस्तिष्क में रासायनिक परिवर्तन होता है। शराब पीने के बाद मस्तिष्क में डोपामिन का लेवल बढ़ जाता है। डोपामिन का स्तर शराब पीने के अनुभव को अधिक मजेदार बनाता है और इसके कारण बार-बार शराब पीने का मन करता है। समय के साथ शराब पीने की लत धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। लत लगने के बाद बॉडी को इसकी जरूरत महसूस होने लगती है और व्यक्ति अच्छा फील करने एवं स्ट्रेस दूर करने के लिए शराब का सहारा लेता है। इसके अलावा शराब की लत अन्य कारणों से भी लगती है।
  • अगर परिवार का कोई सदस्य शराब पीता है तो अन्य लोगों को भी इसकी लत लग सकती है।
  • आए दिन पार्टी करने और पब जाने के शौकीन लोगों को भी दूसरों का देखकर शराब पीने की लत लगती है।
  • गलत लोगों की संगति के कारण शराब पीने की लत लगना स्वाभाविक है।
  • जीवन के गमस्ट्रेसडिप्रेशन और काम के बोझ से चिंतामुक्त होने के लिए लोग शराब पीने की आदत डालते हैं।
शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) के लक्षण
Symptoms of Alcoholism
शराबीपन, शराब पीने की लत लगने के लक्षण व्यक्ति के बिहेवियर और शारीरिक हावभाव से दिखते हैं। जिससे बहुत आसानी से पता चल जाता है कि व्यक्ति एल्कोहोलिज्म से ग्रसित है। आइये जानते हैं किन लक्षणों से पहचाने की किसी व्यक्ति को शराब पीने की लत है।
  • वह अकेले में शराब पीता हो।
  • शराब के प्रभाव को महसूस करने के लिए बहुत ज्यादा शराब का सेवन करता हो।
  • उससे शराब पीने की आदतों के बारे में पूछने पर क्रोधित और आक्रामक हो जाता हो।
  • उसे भूख खुलकर न लगती हो या वह खाना ठीक से ना खाता हो।
  • अपने शरीर की साफ सफाई पर ध्यान न देता हो।
  • शराब की लत के कारण अपना ऑफिस या काम मिस कर देता हो।
  • शराब के सेवन को नियंत्रित करने में असमर्थ हो।
  • पीने का बहाना बनाता हो।
  • आर्थिक समस्या होने पर भी शराब पीना न छोड़ पाता हो।
  • मदिरा पीने के कारण जरूरी सामाजिक, व्यावसायिक और मनोरंजक गतिविधियों से दूर रहता हो।
  • शराब न पीने पर बेचैनी महसूस होती हो।
  • शराब ना पीने पर उल्टी और मिचली आती हो।
  • पीने के बाद अगली सुबह कुछ याद ना रहता हो।
  • एल्कोहोलिक कीटोएसिडोसिस और सिरोसिस जैसी बीमारियों से पीड़ित हो।
शराब की लत के चरण – Stages of Alcoholism
यदि आप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आप या आपका कोई प्रिय व्यक्ति कैसे शराबी हो सकता है, तो शराब के चरणों को पहचानने से आपको इसे छोड़ने और उपचार के लिए उपलब्ध विकल्पों का चयन करने में मदद मिल सकती है। शराब के चार चरणों को ई मॉर्टन जेलिनेक (E. Morton Jellinek)  द्वारा परिभाषित किया गया था, जो एक वैज्ञानिक शोधकर्ता थे जिन्होंने शराब पर व्यापक काम किया था। शराबीपन के चरण हैं: पूर्व-शराबी, प्रारंभिक शराबी, मध्य शराबी और पुराना शराबी।
एल्कोहालिज्म से होने वाली परेशानियां Alcoholism Complications
  • शराब पीने की लत से यादाश्त कमजोर होती है। इसके साथ ही हमेशा थकान का अनुभव होता है।
  • आंखों की मांसपेशियां कमजोर होती है जिससे कम उम्र में ही आंखों की रोशनी धीमी हो जाती है।
  • शराब की लत का सबसे ज्यादा प्रभाव लिवर पर पड़ता है। इससे हेपेटाइटिस और सिरोसिस होने का खतरा रहता है।
  • अधिक शराब पीने से पैंक्रियाज डैमेज हो जाता है जिसके कारण भोजन पचने, विटामिन अवशोषित होने और हार्मोन का प्रोडक्शन बाधित होता है।
  • रोजाना अधिक मात्रा में शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट मसल्स डैमेज हो जाती है जिससे स्ट्रोक और हार्ट फेल होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • एल्कोहालिज्म के कारण टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है।
  • शराब की लत के कारण पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा शरीर की हड्डियां कमजोर और फ्रैक्चर हो सकती हैं।
  • मदिरा पीने से मुंह, लिवर, रेक्टम और प्रोस्टेट कैंसर हो सकता है।
  • शराब पीकर गाड़ी चलाने से दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा शराब की लत से घरेलू हिंसा भी बढ़ सकती है।
  • एल्कोहालिज्म के कारण मानसिक बीमारियां भी पैदा होती हैं और कई बार लोग सदमे में आने के कारण आत्महत्या भी कर लेते हैं।

शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) का निदान
 Diagnosis of Alcoholism
डॉक्टर या हेल्थ केयर प्रोवाइडर एल्कोहोलिज्म या एल्कोहल यूज डिसऑर्डर का निदान करते हैं। शारीरिक परीक्षण के बाद व्यक्ति से उसके शराब पीने की आदतों के बारे में कुछ सवाल पूछे जाते हैं और फिर इस एल्कोहोलिज्म का निदान किया जाता है।

·       डॉक्टर आपसे ये महत्वपूर्ण सवाल पूछ सकते हैं।
·       क्या आप शराब पीकर ड्राइव करते हैं।
·       क्या शराब पीते समय और ज्यादा पीने की इच्छा होती है।
·       शराब पीने के कारण आप अपने काम या जॉब को मिस कर देते हैं।
·       क्या शराब पीने के बाद आपको धुंधला दिखायी देता है।
·       क्या आप शराब छोड़ना चाहते हैं लेकिन छोड़ नहीं पा रहे हैं।
डॉक्टर आपसे आपके विचारों, फीलिंग, लक्षण और बिहेवियर पैटर्न के बारे में भी सवाल पूछते हैं। इसके अलावा जरुरत पड़ने पर डॉक्टर शराब पीने के आदी व्यक्ति के दोस्तों और परिवार के सदस्यों से भी कुछ सवाल पूछ सकते हैं। इन सभी सवालों से ही आपकी समस्या का निदान संभव हो पाता है।
शराब पीने की लत (एल्कोहोलिज्म) के लिए टेस्ट
Tests for Alcoholism
        शराबीपन, शराब पीने की लत/एल्कोहोलिज्म के निदान के लिए ब्लड टेस्ट का सहारा लिया जाता है। हालांकि ब्लड टेस्ट से सिर्फ यह पता चल पाता है कि हाल में व्यक्ति ने कितना शराब पीया है। ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट यह नहीं बताती कि कोई व्यक्ति लंबे समय से अधिक शराब पीने का आदी है।
        यदि ब्लड टेस्ट में यह पाता जाता है कि व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं की साइज बढ़ गई है तो यह इस बात का संकेत है कि व्यक्ति को लंबे समय से शराब पीने की लत है।
        कार्बोहाइड्रेट डिफिसिएंट ट्रांसफरिन (CDT) एक ब्लड टेस्ट है जो शरीर में शराब की भारी मात्रा का पता लगाने में मदद करता है।
        इसके अलावा कुछ अन्य टेस्ट भी किए जाते हैं जिनसे यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि लिवर कितना डैमेज हुआ है या व्यक्ति का टेस्टोस्टेरोन कितना कम हुआ है। यह दोनों एल्कोहोलिज्म की पुरानी आदत को दर्शाते हैं। इसके साथ ही स्क्रीनिंग के जरिए कुछ सवाल पूछकर एल्कोहोलिज्म की समस्या का निदान किया जाता है।
        एल्कोहालिज्म का इलाज Treatment for Alcoholism
       शराब पीने की लत या एल्कोहोलिज्म का इलाज व्यक्ति की आवश्यकताओं के आधार पर भिन्न हो सकता है। मरीज का उचित इलाज करके एल्कोहोलिज्म को रोक कर उसकी लाइफ ऑफ क्वालिटी को बेहतर बनाना डॉक्टर का मुख्य उद्देश्य होता है। शराब की लत को रोकने के लिए इस तरह से इलाज किया जाता है।
डिटॉक्सिफिकेशन
       मरीज का इलाज डिटॉक्स से शुरू किया जाता है। इसमें दो से सात दिन का समय लगता है। डॉक्टर मरीज को नींद (Sedating Medications) की दवाएं देते हैं। डिटॉक्स आमतौर पर हॉस्पिटल में ही किया जाता है। डिटॉक्स के कुछ दिनों बाद धीरे-धीरे शराब से मन हटने लगता है और ज्यादा पीने की इच्छा नहीं होती है।
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग
एल्कोहोलिज्म से ग्रसित व्यक्ति को समूह में या फिर अकेले काउंसलिंग और थेरेपी दी जाती है। इससे शराब से आपको होने वाली समस्या और ना छोड़ पाने की समस्या के बारे में बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। इसमें डॉक्टर व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलूओं को समझते हैं और काउंसलिंग देते हैं। आप अपने परिवार के साथ बैठकर काउंसलिंग ले सकते हैं। परिवार के सपोर्ट से शराब की लत छोड़ने में बहुत मदद मिलती है।
दवाएं
       डिसल्फिराम (disulfiram) नाम की दवा शराब पीने की लत से बचाने में बहुत मदद करती है। हालांकि यह शराब से होने वाली बीमारियों और शराब पीने की मजबूरी से नहीं बचाती है। अगर कोई व्यक्ति शराब पीता है तो यह दवा उसकी बॉडी में फिजिकल रिएक्शन पैदा करती है जिसके कारण उल्टी, मितली और सिरदर्द होता है। हर बार शराब पीने के बाद यह दवा ऐसी ही प्रतिक्रिया देती है जिससे व्यक्ति शराब पीना बंद कर देता है।
       नालट्रेक्सोन (Naltrexone) नाम की एक अन्य दवा शराब पीने से होने वाली अच्छी फीलिंग को ब्लॉक कर देती है जिससे ज्यादा शराब पीने का मन नहीं करता है। जबकि एकम्प्रोस्टेट नाम की दवा का सेवन करने से एक बार शराब छोड़ने के बाद दोबारा शराब पीने की इच्छा को ब्लॉक करता है।
नोट किसी भी प्रकार की दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
इंजेक्शन
     शराब की लत छोड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा नालट्रेक्सोन (Naltrexone) का एक वर्जन विविट्रॉल (Vivitrol) है जो इंजेक्शन फॉर्म में महीने में एक बार दी जाती है। हालांकि इसी तरह की दवा को गोली के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन एल्कोहल के उपयोग के विकार से उबरने वाले लोगों के लिए इंजेक्शन ज्यादा फायदेमंद होता है।
नोट किसी भी प्रकार की दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
शराब पीने की लत से होने वाली बीमारियां
Alcoholism Physical Health Issues
लंबे समय से अल्कोहल का सेवन करने से अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव में निम्न लक्षण शामिल हो सकते हैं आइये जानतें हैं शराब पीने से क्या बीमारी होती है
  • हृदय की समस्याएं जैसे कार्डियोमायोपैथी (बढ़े हुए, अक्षम हृदय की मांसपेशी), अनियमित दिल की धड़कन, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक।
  • जिगर की बीमारी, जिसमें स्टीटोसिस (फैटी लीवर), अल्कोहलिक हेपेटाइटिस, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा शामिल हैं।
  • अग्नाशयशोथ की अग्नाशय संबंधी समस्याएं, एक तीव्र दर्दनाक भड़काऊ स्थिति जो एक पुरानी बीमारी के लिए प्रगति कर सकती है। अग्नाशयशोथ अग्नाशय के कार्यों की एक श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है, जिसमें पाचन एंजाइमों का बनना भी शामिल है।
  • कुछ प्रकार के कैंसर, जिनमें सिर और गर्दन का कैंसर, एसोफैगल कैंसर, यकृत कैंसरस्तन कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल हैं।
  • एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, जो आपके संक्रमण और निमोनिया और तपेदिक जैसी बीमारियों के संकुचन के जोखिम को बढ़ा सकती है।
शराब की लत के साथ जुड़े संभावित लघु और दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक प्रभावो में  शामिल हैं
  • संज्ञानात्मक समस्याएं, जैसे स्मृति हानि या स्पष्ट रूप से सोचने वाली समस्याएं।
  • ब्लैकआउट (समय अवधि जिसमें आप घटनाओं को याद नहीं कर सकते हैं)।
  • गंभीर मस्तिष्क क्षति और विकर्न-कोर्साकॉफ़ सिंड्रोम जैसे विकार, जो भ्रम, और मेमोरी रिकॉल और समेकन के साथ समस्याओं की ओर जाता है।
  • प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार या द्विध्रुवी विकार जैसे मूड विकार।
  • चिंता विकार, विशेष रूप से पेनिक विकार और सामाजिक भय।
शराब के छोटे और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभावों में शामिल हो सकते हैं
  • काम, स्कूल, या घर के दायित्वों को पूरा करने में विफल।
  • ठीक होने के लिए आप जिन गतिविधियों का आनंद लेते थे उन्हें अब शराब पीने में बिता देते हैं।
  • शराब की वजह से महत्वपूर्ण पारस्परिक समस्याओं (जैसे तलाक) का अनुभव करना।
  • घरेलू हिंसा।
  • बेरोजगारी।
  • बेघर।
  • वित्तीय समस्याएँ।
       शराब पीने की लत शराबीपन, जिसे शराब पर निर्भरता भी कहते हैं, की आदत को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के अलावा मेंटल स्ट्रेंथ की भी जरूरत होती है। उम्मीद है इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको एल्कोहालिज्म के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल गयी होगी। अगर आपके किसी साथी या रिश्तेदार को भी शराब पीने की लत हो तो शुरूआत में ही डॉक्टर से परामर्श करें और इस समस्या से छुटकारा दिलाकर उनके जीवन को सुरक्षित बनाएं।
अधिक जानकारी के किये संपर्क करे दिव्यकिरण फिजियोथेरेपी एंड रिहैब डिपार्टमेंट के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज

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