Monday, February 17, 2020

हृदय से संबधित बीमारियों का निदान एवं उपचार, के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज

मानव हृदय की संरचना (ह्यूमन हार्ट एनाटॉमी) हार्ट की बीमारियाँ और इलाज - Human Heart Anatomy in hindi


 मानव शरीर में हृदय एक ऐसा अंग है, जो परिसंचरण तन्त्र के माध्यम से सम्पूर्ण मानव शरीर में रक्त को पंप करने, ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करने और कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य अपशिष्ट को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करता है। हृदय की धड़कनों के आधार पर व्यक्ति के स्वास्थ्य का अनुमान लगाया जाता है। व्यायाम, भावनाएं, बुखार, बीमारियां और कुछ दवाएं हृदय की गति (धड़कनों) को प्रभावित कर सकती हैं। चूँकि वर्तमान समय में हृदय रोग के परिणामस्वरुप मृत्यु दर में वृद्धि हुई है, जिसका कारण व्यक्तियों को हृदय की संरचना, कार्य और स्वास्थ्य अभ्यास के बारे जानकारी न होना है। इस लेख में आप मानव हृदय की संरचना, हृदय की आंतरिक संरचना, हृदय की कार्य प्रणाली, रोग और उपचार के बारे में जान सकते हैं।

हृदय से सम्बंधित तथ्य – Heart fact:-
  • हृदय से सम्बंधित तथ्य – Heart fact.
  • एक मानव हृदय मोटे तौर पर एक बड़ी मुट्ठी के आकार का होता है।.
  • हृदय का वजन पुरुषों में लगभग 10 से 12 औंस (280 से 340 ग्राम) और महिलाओं में 8 से 10 औंस (230 से 280 ग्राम) होता है।.
  • दिल प्रति दिन लगभग 100,000 बार धड़कता है। और प्रतिदिन शरीर में 2,000 गैलन (gallons) रक्त को पंप करता है।.
  • एक वयस्क का दिल प्रति मिनट 60 से 80 बार धड़कता है।.
  • नवजात शिशुओं के दिल वयस्क दिलों की तुलना में अधिक तेज धड़कते हैं, लगभग 70 से 190 बीट प्रति मिनट।.
  • दिल छाती के केंद्र में स्थित है, जो आमतौर पर थोड़ा बाएं ओर रहता है। 
दिल की बीमारियाँ:-
कोरोनरी धमनी की बीमारी:-
कोरोनरी धमनी रोग तब उत्पन्न होता है, जब हृदय के लिए रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में कोलेस्ट्रॉल प्लाक (cholesterol plaques) जमने के कारण धमनियां संकीर्ण हो जाती हैं। जिससे हृदय में पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती हैं। संकुचित धमनियों के कारण इनमें अचानक रक्त का थक्का जमने से पूर्ण रुकावट का जोखिम अधिक होता है, जिससे हार्ट अटैक की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
स्टेबल एनजाइना पेक्टोरिस:-
यह रोग कोरोनरी धमनियों के संकीर्ण होने के कारण छाती में दर्द या बेचैनी से सम्बंधित स्थिति है। इस समस्या से सम्बंधित लक्षण आमतौर पर आराम करने से बेहतर हो सकते हैं।
अस्थिर एनजाइना पेक्टोरिस:-
यह किसी व्यक्ति के सीने में दर्द या बेचैनी की स्थिति है, जो लगातार गंभीर और बिगड़ती जाती है। यह एक आपातकालीन स्थिति है, क्योंकि यह हार्ट अटैक, असामान्य दिल की धड़कन (abnormal heart rhythm) या हृदय गति का रुक जाना आदि से सम्बंधित समस्याओं का कारण बन सकती है।
मायोकार्डियल रोधगलन (हार्ट अटैक)- Myocardial infarction (heart attack):-
हृदय से सम्बंधित इस समस्या में एक कोरोनरी धमनी अचानक अवरुद्ध हो जाती है। जिसके कारण ऑक्सीजन न मिलने के कारण, हृदय की मांसपेशी का कुछ हिस्सा मर जाता है।
एरिथमिया- Arrhythmia (dysrhythmia):-
एरिथमिया को अनियमित दिल की धड़कन (हृदय अतालता) के नाम से जाना जाता है। यह स्थिति हृदय के माध्यम से विद्युत आवेगों के चालन में असामान्य परिवर्तन के कारण उत्पन्न होती है।
कन्जेस्टिव हार्ट फेल्योर- Congestive heart failure:-
इस स्थिति में संबंधिति व्यक्ति का ह्रदय, रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करने में असफल होता है, इसका कारण हृदय का अधिक कमजोर होना या हृदय का बहुत सख्त (कठोर) होना है। इस स्थिति में सांस लेने में तकलीफ और पैर की सूजन से सम्बंधित सामान्य लक्षण प्रदात होते हैं।
कार्डियोमायोपैथी – Cardiomyopathy:-
कार्डियोमायोपैथी, हृदय की मांसपेशी से सम्बंधित एक रोग, जिसमें हृदय असामान्य रूप से बढ़ा और सख्त (कठोर) हो जाता है। जिसके परिणामस्वरूप हृदय की रक्त पंप करने की क्षमता कम हो जाती है।
मायोकार्डिटिस – Myocarditis:-
मायोकार्डिटिस हृदय की मांसपेशियों की सूजन है, इसका सबसे मुख्य कारण वायरल संक्रमण होता है।
पेरिकार्डिटिस – Pericarditis:- पेरिकार्डिटिस को दिल के अस्तर की सूजन के रूप में जाना जाता है। इस समस्या का मुख्य कारण वायरल संक्रमण, किडनी की विफलता और ऑटोइम्यून स्थिति हो सकती है।
पेरिकार्डियल बहाव – Pericardial effusion:-
दिल की अस्तर (पेरिकार्डियम) और हृदय के बीच अतिरिक्त तरल पदार्थ की उपस्थिति को मेडिकल के क्षेत्र में पेरीकार्डियल इफ्यूजन के नाम से जाना जाता है। अक्सर, यह समस्या पेरिकार्डिटिस के कारण उत्पन्न हो सकती है।
एंडोकार्डिटिस – Endocarditis:-
एंडोकार्डिटिस, को हृदय के भीतरी अस्तर या दिल के वाल्व (Heart valve) की सूजन के रूप में जाना जाता है। एंडोकार्डिटिस की स्थिति आमतौर पर, हृदय वाल्वों में एक गंभीर संक्रमण के कारण उत्पन्न होती है।
कार्डियक अरेस्ट – Cardiac arrest:-
यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें सम्बंधित व्यक्ति का हृदय अचानक काम करना बंद कर देता है।
हृदय (दिल) का परीक्षण – Heart Tests:-
दिल की समस्याओं का निदान करने और कार्यों पर निगरानी रखने के लिए अनेक प्रकार के परीक्षणों का उपयोग किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) Electrocardiogram (ECG )  दिल की विद्युत गतिविधियों का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी या ईकेजी) का प्रयोग किया जाता है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम अनेक हृदय सम्बन्धी स्थितियों का निदान करने में मदद कर सकता है।

इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) इस परीक्षण के तहत अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है। एक इकोकार्डियोग्राम की मदद से, हृदय की मांसपेशियों की पंप करने की क्षमता और हृदय वाल्व से सम्बंधित किसी भी प्रकार की समस्या का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जा सकता है।

कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट (Cardiac stress test)ट्रेडमिल (treadmill) या दवाओं का उपयोग करके, हृदय को अधिकतम क्षमता तक पंप करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस टेस्ट की मदद से हृदय के रक्त प्रवाह की क्षमता को मापने और कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease) का निदान करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

कार्डिएक कैथीटेराइजेशन (Cardiac catheterization) कार्डिएक कैथीटेराइजेशन के दौरान, एक लंबी पतली ट्यूब (जिसे कैथेटर कहा जाता है) को कमर, गर्दन या बांह की एक धमनी या शिरा में डाला जाता है। अतः इस परीक्षण की मदद से डॉक्टर कोरोनरी धमनियों की रुकावट या अन्य रक्त वाहिकाओं की जाँच करने के लिए एक्स-रे का प्रयोग किया जा सकता है।

होल्टर मॉनिटर (Holter monitor) – होल्टर मॉनिटर (Holter monitor), बैटरी चालित एक छोटा चिकित्सकीय उपकरण होता है, जिसका उपयोग हृदय की गतिविधि (जैसे rate and rhythm) को मापने के लिए किया जाता है। होल्टर मॉनिटर लगातार 24 घंटे के लिए हृदय की लय (heart’s rhythm) को रिकॉर्ड करता है।

हृदय से संबधित बीमारियों के निदान एवं उपचार के लिए संपर्क करे:- हृदय रोग विभाग के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज,

0 comments:

Post a Comment