Saturday, February 8, 2020

गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण, लक्षण और इसके बाद के लिए जानकारी, Miscarriage

गर्भपात का दर्द क्या होता है, यह केवल एक मां समझ सकती है। जन्म देने से पहले ही अपने शिशु को खो देना काफी दर्दनाक अहसास होता है। यह एक महिला के जीवन में होने वाली ऐसी घटना है, जिसके लिए वह कभी तैयार नहीं रहती। गर्भपात की इस घटना से खुद को उभारने के लिए अपनी देखभाल करना बहुत जरूरी है। क्योंकि बच्चा खाने के बाद या मिसकैरेज के बाद एक महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है। इसलिए जल्दी ठीक होने के लिए सेहत से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इस लेख में हम गर्भपात होने के बाद सेहत से जुड़ी कुछ खास सावधानियों के बारे में बात करने वाले हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गर्भपात मानव गर्भधारण में आने वाली समस्याओं में से एक है। आंकड़ों के अनुसार, 12-15 प्रतिशत क्लीनिकल प्रेग्नेंसी मिसकैरेज पर खत्म होती हैं और 17-22 प्रतिशत को गर्भावस्था में ही गर्भपात हो जाता है। जिसके बाद महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम गर्भपात से जूझ रही महिलाओं के लिए गर्भपात होने के देखभाल के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।
गर्भपात (मिसकैरेज) क्या है – What is a miscarriage?
मिसकैरेज या गर्भपात (miscarriage) एक ऐसी घटना है जिसमें गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय में ही भ्रूण नष्ट हो जाता है। इसे एक स्वतः गर्भपात (spontaneous abortion) भी कहा जाता है। जिसमें गर्भाशय से भ्रूण स्वत: निष्काषित हो जाता है या कर दिया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप गर्भावस्था (pregnancy) की समाप्ति हो जाती है। किसी कारण भ्रूण के स्वतः समाप्त हो जाने को गर्भ विफलता (miscarriage) कहा जाता है। यह आमतौर पर गर्भावस्था के पहले त्रैमासिक (first trimester), या शुरूआत के पहले तीन महीनों के दौरान होता है। गर्भपात का कारण प्रत्येक महिला में भिन्न भिन्न हो सकता है। लेकिन तीन महीने के बाद या 14 से 26 सप्ताह के बीच होने वाले गर्भपात आमतौर पर गर्भवती मां के स्वास्थ्य स्थिति (health condition) के कारण होते हैं।

80 प्रतिशत से अधिक गर्भपात पहली तिमाही में होते हैं। यही वजह है कि कई महिलाएं अपनी गर्भावस्था की खबरें दूसरों को बताने से पहले 13 वें सप्ताह के बीतने तक इंतजार करती हैं।
गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण – Causes of miscarriage:-
·     मिसकैरेज के कारण गुणसूत्र संबंधी समस्याएं – Chromosomal problems:- निषेचन (fertilization) के दौरान शुक्राणु और अंडे दोनों से 23 गुणसूत्र एक साथ मिलकर एक जोड़ी गुणसूत्र (chromosomes) का निर्माण करते हैं। यह एक जटिल प्रक्रिया होती है और एक मामूली सी गड़बड़ी होने पर आनुवंशिक असामान्यता हो जाती है जो भ्रूण (embryo) को बढ़ने से रोकती है। शोधकर्ता आनुवांशिकी कारकों को ही गर्भपात के लिए दोषी मानते हैं। जैसे जैसे महिला की उम्र बढ़ती जाती है इस तरह की गड़बड़ी होने का खतरा भी बढ़ता जाता है।
·     हार्मोन का असंतुलन महिलाओं में गर्भपात का कारण – Hormone imbalance Causes miscarriage:- आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं को होने वाले सभी तरह के गर्भपात में करीब 15 प्रतिशत गर्भपात हार्मोन के असंतुलन के कारण होते हैं। अगर महिला के शरीर में प्रोजेस्टेरोन (progesterone levels) नामक हार्मोन का स्तर कम है तो निषेचित अंडे का आरोपण (implanting) महिला के गर्भाशय में नहीं होगा। जिसके कारण गर्भपात होने की संभावना बढ़ सकती है
·     गर्भाशय संबंधी समस्याएं मिसकैरेज के कारण – Uterine problems Causes miscarriage:- यदि किसी महिला के गर्भाशय के अंदर गर्भाशय का फाइब्रॉएड (Uterine fibroids) हो तो यह भ्रूण (fetus) को आरोपित होने या रक्त की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करता है। कुछ महिलाओं को जन्म से ही सेप्टम (septum) यानि गर्भाशय में गड़बड़ी होती है। जबकि कुछ महिलाएं सर्जरी या पहले हो चुके गर्भपात के कारण गर्भाशय के उत्तकों में निशान पड़ जाता है जिसके कारण अंडे का ठीक से आरोपण नहीं हो पाता है या फिर नाल (placenta) में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। जिसके कारण गर्भपात हो जाता है।
·     पुरानी बीमारी हो सकती है गर्भपात का कारण – Chronic illness Causes miscarriage:-  अगर किसी गर्भवती महिला को ऑटोइम्यून की बीमारी, ल्यूपस (चर्मक्षय), हृदय रोग, किडनी और लिवर की बीमारी और डायबिटीज हो तो गर्भपात होने की संभावना 6 प्रतिशत होती है। यदि आपको ये बीमारी काफी समय से है तो आपको प्रसूति विशेषज्ञ (obstetrician) से मिलकर सलाह लेनी चाहिए।
·     बुखार भी है गर्भपात का कारण – Fever causes miscarriage:- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सामान्य रूप से कितनी स्वस्थ हैं। यदि गर्भावस्था के दौरान आपको बार बार बुखार आता है और आपके शरीर का तापमान 102 डिग्री से अधिक  हो जाता है तो आपको गर्भपात हो सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि गर्भाशय में जब तक भ्रूण (embryo) छह हफ्ते से अधिक का नहीं हो जाता तब तक मां के शरीर का तापमान बढ़ना हानिकारक है।
·     इसके अलावा नशीली दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल, धूम्रपान और शराब पीने, प्रेगनेंसी के दौरान सड़क दुर्घटना (accident), कुछ दवाओं के सेवन, 38 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण करना, संक्रमण और यहां तक की वायु प्रदूषण के कारण भी किसी महिला को गर्भपात हो सकता है।
मिसकैरेज के लक्षण – symptoms of a miscarriage
गर्भावस्था के चरण (stage of pregnancy) के आधार पर गर्भपात के लक्षण अलग-अलग होते हैं। कुछ मामलों में यह इतनी जल्दी होता है कि आपको पता भी नहीं चल पाता कि आप गर्भवती थीं और आपका गर्भपात हो गया। आइये जानते हैं मिसकैरेज के मुख्य लक्षणों के बारे में।

·       पीठ में दर्द और कमर में हल्का एवं गंभीर दर्द मिसकैरेज के लक्षण हो सकते हैं
·       योनि से रक्तस्राव होना गर्भपात के लक्षण हो सकता हैं।
·       योनि से थक्कों (clots) के रुप में उत्तकों का बाहर निकलना
·       पेट में गंभीर दर्द
·       पूरे शरीर में ऐंठन
·       गर्भावस्था के लक्षणों जैसे जी मिचलना (nausea) या फिर उल्टी महसूस न होना।
·       योनि से सफेद गुलाबी रंग का म्यूकस निकलना
·       अचानक और तेजी से वजन का कम होना।
अगर आपको गर्भावस्था के दौरान इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत संपर्क करे, महिला रोग विभाग के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज
Dr Rashmi Srivastava (MBBS, MS) Gynaecologist and Obstetrician
Dr. Jyotsana Ojha Mishra (MBBS, MS)  Gynaecologist and Obstetrician

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