Tuesday, February 18, 2020

पेट में इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव Stomach Infection Symptoms, Causes, Treatment के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज

पेट में इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव - Stomach Infection Symptoms, Causes, Treatment In Hindi




पेट में इन्फेक्शन (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) एक वायरस, बैक्टीरिया या परजीवी (parasites) के कारण होने वाला एक रोग है, जो दस्त, उल्टी, बुखार और आंतों के अस्तर की सूजन का कारण बनता है। पेट में इन्फेक्शन एक आम समस्या है, जो बच्चों और वयस्कों को सर्वाधिक प्रभावित करती है। चूँकि पेट में इन्फेक्शन की गंभीर स्थिति गुर्दे की विफलता, आंत्र पथ में रक्तस्राव, एनीमिया (anemia) तथा मस्तिष्क क्षति का कारण बन सकती है। पेट में इन्फेक्शन की स्थिति में  चिकित्सीय सहायता प्राप्त करना अति आवश्यक है।
पेट का संक्रमण एक बहुत ही सामान्य स्थिति है, जो दस्त और उल्टी का कारण बनती है। आमतौर पर पेट के बैक्टीरिया या वायरस, पेट में इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। जिसमें जियार्डिया (giardia) और क्रिप्टोस्पोरिडियम (cryptosporidium) नामक परजीवी प्रमुख हैं। यह संक्रमण सभी उम्र के व्यक्तियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चे विशेष रूप से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। पेट में इन्फेक्शन के अधिकतर मामले बच्चों में रोटावायरस (rotavirus) नामक वायरस के कारण उत्पन्न होते हैं, जबकि वयस्कों में पेट में इन्फेक्शन के अधिकतर मामले आमतौर पर नोरोवायरस (norovirus) या बैक्टीरियल फूड पॉइजनिंग के कारण उत्पन्न होते हैं।
गैस्ट्रोएन्टराइटिस एक संक्रमित बीमारी है, क्योंकि यह अन्य व्यक्तियों में बहुत आसानी से फैल सकता है। आंत्रशोथ (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) अधिक गंभीर हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर एक सप्ताह के भीतर ही दूर हो जाता है।
पेट में इन्फेक्शन के प्रकार – Types of Gastroenteritis:-
पेट में इन्फेक्शन मुख्य रूप से दो प्रकार का होता हैं,
(1.)          बैक्टीरियल गैस्ट्रोएन्टराइटिस या फूड पॉइजनिंग
(2.)          वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस या स्टमक फ्लू।
बैक्टीरियल गैस्ट्रोएन्टराइटिस – Bacterial Gastroenteritis (food poisoning):-
पेट में इन्फेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया (bacteria) आंत में संक्रमण का कारण बनता है, इस स्थिति को बैक्टीरियल गैस्ट्रोएन्टराइटिस के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के पेट के इन्फेक्शन के परिणामस्वरूप पेट और आंतों में सूजन आ जाती है, इसके अतिरिक्त उल्टी, पेट में ऐंठन और दस्त जैसे लक्षण प्रगट हो सकते हैं। बैक्टीरियल गैस्ट्रोएन्टराइटिस बहुत सामान्य है। इस संक्रमण को फूड पॉइजनिंग” (food poisoning) के नाम से भी जाना जाता है।
बैक्टीरियल गैस्ट्रोएन्टराइटिस खराब स्वच्छता, जानवरों के साथ घनिष्ठ संपर्क या बैक्टीरिया के कारण दूषित भोजन या पानी का सेवन आदि कारणों के परिणामस्वरूप उत्पन्न हो सकता है।
वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस – Viral gastroenteritis (stomach flu):-
जब कोई वायरस (viruses), पेट में इन्फेक्शन संक्रमण का कारण बनता है, तो उसे वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस के नाम से जाना जाता है। यह एक अत्यधिक संक्रामक पेट और आंतों का संक्रमण है, जिसे आमतौर पर स्टमक फ्लू (Stomach flu) के रूप में भी जाना जाता है। वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस या स्टमक फ्लू (Stomach flu) के सामान्य लक्षणों में पानी के समान दस्त, पेट में ऐंठन और उल्टी आदि शामिल हैं।
स्टमक फ्लू विभिन्न प्रकार के वायरस के कारण उत्पन्न होता है, जिनमें रोटावायरस (rotavirus) और नोरोवायरस (norovirus) प्रमुख हैं। प्रत्येक गैस्ट्रोएन्टराइटिस वायरस एक विशेष मौसम में सबसे अधिक सक्रिय होता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या दूषित भोजन तथा पानी का सेवन करने के बाद एक स्वास्थ्य व्यक्ति वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस को प्राप्त कर सकता है। व्यक्ति अक्सर वायरस के संपर्क में आने के लगभग 12-48 घंटे बाद लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं, तथा यह लक्षण अक्सर 3 से 7 दिनों तक रहते हैं। फूड पॉइजनिंग (food poisoning) की अपेक्षा स्टमक फ्लू के लक्षण अधिक समय तक बने रहते हैं।
पेट में इन्फेक्शन के लक्षण – Stomach infection (gastroenteritis)
पेट के संक्रमण (gastroenteritis) से सम्बंधित लक्षण आमतौर पर व्यक्ति के संक्रमित होने के एक दिन बाद प्रगट हो सकते हैं। यह लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह या इससे कम समय तक चल सकते हैं, लेकिन कभी-कभी यह लक्षण बहुत लंबे समय बने रह सकते हैं।
आंत्रशोथ (gastroenteritis) के लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:
·      दस्त लगना
·      पेट में दर्द महसूस होना
·      उल्टी की समस्या उत्पन्न होना
·      अपने आपको बीमार महसूस करना
·      सिरदर्द होना
·      हल्का बुखार
·      भूख में कमी आना
·      पेट में खराबी तथा पेट में ऐंठन महसूस होना
·      मांसपेशियों में दर्द महसूस होना
·      ठंड लगना, इत्यादि।
आंत्रशोथ की स्थिति में उत्पन्न होने वाली सबसे आम समस्या निर्जलीकरण है। पेट के संक्रमण (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) की स्थिति में निर्जलीकरण की समस्या तब उत्पन्न होती है जब उल्टी और दस्त के चलते, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन न किया जाए। निर्जलीकरण की समस्या शिशुओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों को सबसे अधिक परेशान करती है।
पेट में इन्फेक्शन (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) के जोखिम कारक – Gastroenteritis risk factor:-
पेट में इन्फेक्शन सभी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को पेट में इन्फेक्शन (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) होने की अधिक संभावना हो सकती है, उनमें शामिल हैं:
·      कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति जैसी- छोटे बच्चे, वृद्ध व्यक्तियों।
·      स्कूल के बच्चे या छात्रावास के निवासी।
·      एचआईवी/एड्स, कीमोथेरेपी या किसी अन्य चिकित्सकीय स्थितियों से सम्बंधित व्यक्ति।
पेट में इन्फेक्शन (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) की जटिलताएं – Complications of gastroenteritis
पेट में इन्फेक्शन बहुत कम स्थितियों में जटिलताओं का कारण बनता है। पेट में इन्फेक्शन (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) की मुख्य जटिलता निर्जलीकरण है, जो शरीर में आवश्यक लवण और खनिजों की गंभीर रूप से कमी का कारण बनती है। इसके अतिरिक्त निम्न जटिलताओं का भी सामना करना पड़ सकता है, जैसे:
·      खूनी दस्त (bloody diarrhoea)
·      उच्च बुखार
·      मांसपेशियों में दर्द
·      आंत्र आंदोलनों को नियंत्रित करने में असमर्थता
·      गुर्दे की विफलता
·      आंत्र पथ में रक्तस्राव
·      एनीमिया (anemia)
उपचार न किये जाने पर गंभीर संक्रमण की स्थिति मस्तिष्क क्षति और मृत्यु का कारण भी बन सकती है।
गैस्ट्रोएन्टराइटिस के लिए डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – when to see a doctor for gastroenteritis
यदि पेट में इन्फेक्शन (gastroenteritis) के लक्षणों में पांच दिन (बच्चों के लिए दो दिन) के बाद भी सुधार नहीं आता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को निम्न स्थितियों में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए:
·      छोटे बच्चे को दस्त या उल्टी होने पर,
·      बुखार होने पर,
·      पेट में इन्फेक्शन से सम्बंधित लक्षणों में कुछ दिनों के बाद सुधार नहीं होने पर,
·      गंभीर निर्जलीकरण के लक्षण प्रगट होने पर, जैसे लगातार चक्कर आना, मूत्र त्याग करने में कठिनाई, इत्यादि।
पेट से संबधित बीमारियो के निदान एवं इलाज के लिए संपर्क करे, के.एम.सी. डिजिटल हॉस्पिटल महराजगंज

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